प्रभाष जोशी के सुपुत्र संदीप जोशी ने आज जनसत्‍ता में लिखा है कि ..... (अविनाश वाचस्‍पति)

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क्‍या कह रहे हैं
बल्कि लिख रहे हैं
संदीप जोशी
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टेसू के फूल
जनसत्‍ता से साभार।

5 comments:

Kulwant Happy ने कहा…

शुक्रिया अविनाश जी। आभार। बहुत बहुत आभार। संदीप जोशी ने अपने पिता की यादों को ताजा करते हुए कई वस्तुओं के बारे में बताया। विशेष कर नारंगी फूलों के बारे में। अक्सर मैं भी दिल्ली से इंदौर इंटरसिटी से आता हूँ, लेकिन जो यात्रा अभी संदीप के साथ की, वो निराली थी।

ललित शर्मा ने कहा…

dhanyavad avinash ji........

Manju Gupta ने कहा…

टेसू के फूल "Fire Of the Jungal." ke naam se bhi jaane jaate haen .
मेरी माँ इन्हीं फूलों से रंग बनाती थी और खुशबू बढाने केलिए इत्र भी डालती थी .
निरंतरता-गति के प्रतीक हैं ये फूल लगे . बधाई .

चन्द्र कुमार सोनी ने कहा…

धन्यवाद एवं आभार.
WWW.CHANDERKSONI.BLOGSPOT.COM

arun c roy ने कहा…

bahut sunder ! avinash ji aapka prastuti ke liye dhanyvaad.

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