सूरज की ब्रांड वैल्‍यू (अविनाश वाचस्‍पति)

सोपानस्‍टेप मासिक के मार्च 2010 अंक में नारदवाणी स्‍तंभ से साभार


पढ़ तभी पाएंगे जो इमेज पर चटकाएंगे

3 comments:

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

वाह चाचा जी क्या वैज्ञानिक दृष्टिकोण समझाया आपने...बहुत खूब लिखा..बढ़िया लगा...

राज भाटिय़ा ने कहा…

यह कोई बडी बात नही, बात तो तब हो जब बीबी को बस मै करने की मशीन बने

shashisinghal ने कहा…

गरीब तो पैदा भी गरीब ही हुआ है और वो मरेगा भी गरीब ही , आखिर उसकी जात बदल भी कैसे सकती है ? हमारे यहां जितनी भी तरक्की हो और जो भी खोजें हों उन सबसे गरीबों का कोई लेन - देन नहीं होता हैं । जब हर चीज का उपभोग करने के लिए अमीर वर्ग है तो गरीब की औकात नहीं कि वह भी उन चीजों का भोक्ता बने । अब जब सूरज भी बनेगा तो वो भी अमीरों की ड्योढी़ पर ही चमकेगा । हां एक बात जरूर होगी कि सूरज के बनने से प्रोपर्टी डीलरों की पौ बारह हो जाएगी । वह सूरज के मनमाने दाम वसूलने से पीछे नहीं रहेंगे ।हा हा हा हा..........

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