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| आया सावन घूम के |
फेसबुक के मित्र हम
कागज की किश्तियां
लेकर उस पर बैठकर
कर रहे हैं मानूसन
का सफर आज शुरू
जो जो चाहें चलना
अपनी अपनी किश्तियां
मतलब कागज लेकर
हाजिर हों
जिस गुणवत्ता की चाहें
उस क्वालिटी का पेपर लाएं
किश्ती कागज की बना देंगे
बरसात नहीं आई तो
दिल्ली जलबोर्ड से पानी
का टैंकर मंगवा लेंगे।
किश्ती में बैठने
और उसे धकेलने
का जोखिम मस्ती करने
वाले का होगा
नियम और शर्तें व्यापक हैं
इससे भी अधिक
इसलिए अपने जोखिम पर
पधारें लेकर बोतल
खाली बोतलें लेकर
किश्ती में सफर
करने की नहीं
होगी अनुमति
भरी बोतलें तो
बिल्कुल भी नहीं
अब यह सोचना है आपने
कि सफर मस्ती का कैसे
कर सकते हैं शुरू
न खाली करके बोतल
ले जा सकें
भरी बोतल एलाउड नहीं है।
जो और जितना अलाउड है
बतला दिया है
आप किश्ती लेकर हाजिर हों
और किश्ती-शुल्क सुशील कुमार जोशी
के पास cash जमा करवाएं।




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खिल गई देखो
बगीची की हर कली।